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Archive for the ‘Stuti’ Category

जय माँ दूर्गा दूर्गे दूर्गेश्वरी


जय माँ दूर्गा! दूर्गा दूर्गे दूर्गेश्वरी |

दूर्गे दूर्गेश्वरी |

 

माँ महा महिष |

महिषामर्दिनी

मर्दन की जो महिषासुर का शिश |

दुष्ट का ऐसे ही

खण्ड हो अहंकार

वध हो उस्का

कटे उस्का शिश |

 

शक्ति दे माँ! |

है माँ शक्ति !|

शक्तिरूपिणी संश्थिता

मेरी भक्ति मेरे अर्पण स्विकार कर

माँ

दे मुझे आशिष |

 

जय माँ दूर्गा!

दूर्गा दूर्गे दूर्गेश्वरी |

दूर्गे दूर्गेश्वरी |

~ प्रवीण कुमार पति

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